Sunday, 20 September, 2009

Exams in IITB

Exam का बुखार बच्चा हो या बूढा, जवान हो या किशोर, LKG student हो या फिर Ph.D scholar सभी को समान आनन्द देता है।

यह वो अनुभव है जो शब्दों में बयां करना नामुमकिन। १३-२० IIT में Exam का मौसम रहा, बहुत मजा आया। चलो कुछ पढाई तो Exam के डर से भले बेमन से ही सही हो तो जाता है। मेरी बातों से शब्दशक्ति के चक्कर में मत पर जाइयेगा।


आप सभी को १ दिन लेट ही सही दुर्गा पूजा की हार्दिक शुभकामनाएं....

Wednesday, 16 September, 2009

मम हस्तिनापुरप्रयागभ्रमणम्।

अहं २६ सितम्बर इत्यस्मिन् दिनांके देहलीं प्रति प्रस्थास्यामि। तत्र राष्ट्रीय संस्कृत संस्थान-जे० एन० यू० इत्यत्र गमिष्यामि। तदनु अचिरम् एव लालबहादुरशास्त्रिसंस्कृतविद्यापीठस्थेन पितृव्येन सह तस्य गेहे वासः भविष्यति।जे० एन० यू० इत्यत्र गुरुजनानां दर्शनानन्तरं तत्रत्यकार्यसम्पादनं विधाय प्रयागं प्रति गमिष्यामि। तत्र अक्तूबर मासस्य 2&3 तमे दिनांके भविष्यामि।तत्र संगमस्नानं भविष्यति अपरं च अनुजाभ्यां सह मेलनं। तदनु तत्रत्यकार्यं विधाय तस्मिन् दिने एव मुम्बई कृते चलिष्यामि।

My Birth Day



आश्विन कृष्ण त्रयोदशी के दिन 
नवरात्रा से तीन दिवस पहले |
श्वेत धवल वस्त्रयुत हो 
सोचा मैं भी जन्मदिवस मनाऊं||

मित्र किसी ने पूछा  मुझसे 
दिवस तो ऐसा हो जो सबको|
प्यारा लगे  और  याद रहे 
रक्खो फरवरी या सितम्बर ||
जो पंडिताऊ से दूर रहे 


केक वेक लाओ, काटो फिर  उसको
याद रहे दिन नहीं, वो निशा रहे |
पार्टी सार्टी साथ करेंगे
पैग वेग  भी कुछ  साथ रहे ||


तन्मयता से सुनकर बातें 
बोलूं क्या कुछ समझा नहीं |
बोला भाई मेरे सुन मिथिला मे
पूजा होती बस  संस्कृति की|| 


तात मात  से आशीष लेकर 
गुरुजन का संबल पाकर |
अध्यवसाय मे सतत युक्त हो 
अब सोचा मैं जन्मदिवस मनाऊं||

Tuesday, 8 September, 2009

IIT Bombai में हमर फ्रेशर वेलकम

फ्रेशर वेलकम अर्थात स्वागत समरोह आ कन्वोकेशन अर्थात दीक्षान्त समारोह छात्र जीवन एक अहम क्षण होइत छैक। हम धरावती (मधुबनी), एंग्लो बंगाली इलाहाबाद, यूइंग क्रिश्चियन कालेज इलाहाबाद युनिवर्सीटी एवं जवाहरलाल युनिवर्सीटी में एकर आनन्द लय चुकल छलहुं।
                               आजु आय. आय. टी मे स्वागतसमारोह छल। हम अपन अभिन्न गुजराती मित्र संग ६ बजे सन्ध्याकाल पहुंचलहु। पूरा HSS विभाग छात्र-अध्यापक-HOD-कार्यालयकर्मी सभ उपस्थित छलथि।सब (नव छात्र आओर नव अध्यापक) के क्रम संऽ बजाओल गेलन्हि। प्रो० मिलिन्द माल्शे सर के चल मन गंगा-यमुना तीर सुनलाकऽ बाद संगीतमय वातावरण भय गेल हलांकि ओ राग हमरा लेल सर्वथा अपरिचित छल संगहि अन्य व्यक्ति कऽ प्रस्तुति गिटार आदि आनन्दित कयलक। संबलपुरी नृत्य मनोरम छल। प्रो० शर्मिष्ठा के "ये शमां शमां है ये प्यार का..." वास्तव में शमां बन्हवाक काज कयलक। ई २००६ मे JNU  सऽ Ph.D कय एतय नियुक्त भेलथि।कार्यक्रम आगू बरहल। हमर बारी अयला पर हम तऽ अपन परिचय दय समाप्त करय चाहलहुं किन्तु इलाहाबाद के पृष्टभू्मि के कारण अमिताभ के "खाइके पान.." गेबाक लेल कहल गेल मुदा हमर हाल ओहने अछि जेना आजुक युवा वर्ग के क्रिकेट के बुखार। साफ साफ कही तऽ थपरी बजेबा में आगू। किन्तु आखिर बेसी गप्प सुनबा स बेहतर छल गायब- अन्ततः बिना झिक-झिक के तन मन से दू लाइन झूमै जोकरक गाओल, आगू गेबाक इच्छा जरूर छल मुदा ओ अमिताभ के नहि शाहरुख के छ्लन्हि "इक नार नवेली बरी अलवेली करे अठखेली...."। गीत समाप्ति कऽ बाद प्रश्न भेल "अइसा झटका लगे जिया पे..." झटका लगा क्या?, हम इशारा बुझि चुकल छलहुं कहलहुं जे हमरा त गंगा तीर याद सदिखन रहैत अछि मुदा गंगा-यमुना तीर बला गीत सुनि.... बु्झि सकैत छी।
कुल मिला कऽ आजु लागल जे HSS परिवार में शामिल भेलहुं। HOD  शुरू सऽ अन्त धरि छ्ली। सब भोजन निमित्त गेलथि, मुद प्याज-लहसुन सऽ मित्रता नहि भेलाक कारण हम बाहर आबि अपन प्रकोष्ठ अयलहुं और अहां सभ के समक्ष छी।