Saturday, 14 March, 2009

गुस्ताखी माफ़ हो........

प्रिय पाठक बन्धु
बहुत दिनों पहले मैंने विचार किया था की आप सबों से बातें करू पर हो न सकी
चलिए आज तो मुखातिव हूं...
आप लोंगो को जल्द ही मृगत्रुश्ना नामक उपन्यास जो की मैथिलि मे है पढनें को मिलेगा

यह मूलतः मिथिला क्षेत्र से सम्बंधित है पर जीवन के महत्वपूर्ण पक्षों से इसका ताल्ल्लुकात है सो pls wait..

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